umroh.com
अकाउंट सेशन जाँचा जा रहा है

सूरह संख्या 110

An-Nasr

Divine Support

मदनी3 आयतेंअनुवाद: फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

سُورَةُ النَّصۡرِ

सीधे पाठ पर जाएँ

जिस भाग को पढ़ना है उसे खोलने के लिए जुज़, सूरह और आयत चुनें।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

إِذَا جَآءَ نَصْرُ ٱللَّهِ وَٱلْفَتْحُ

1.ऐ रसूल जब ख़ुदा की मदद आ पहँचेगी

وَرَأَيْتَ ٱلنَّاسَ يَدْخُلُونَ فِى دِينِ ٱللَّهِ أَفْوَاجًۭا

2.और फतेह (मक्का) हो जाएगी और तुम लोगों को देखोगे कि गोल के गोल ख़ुदा के दीन में दाख़िल हो रहे हैं

فَسَبِّحْ بِحَمْدِ رَبِّكَ وَٱسْتَغْفِرْهُ ۚ إِنَّهُۥ كَانَ تَوَّابًۢا

3.तो तुम अपने परवरदिगार की तारीफ़ के साथ तसबीह करना और उसी से मग़फेरत की दुआ माँगना वह बेशक बड़ा माफ़ करने वाला है

सूरह An-Nasr, सूरह संख्या 110

सूरह An-Nasr को पूरे अरबी पाठ और हर आयत के हिंदी अनुवाद के साथ पढ़ें। मोबाइल या डेस्कटॉप पर आगे बढ़ने के लिए आयत नेविगेशन का उपयोग करें।

कस्टमर सपोर्ट से चैट करें